दिल्ली से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी जाएगी मेट्रो, नोएडा-ग्रेटर नोएडा होगा कनेक्ट, बनाए जाएंगे 25 स्टेशन

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जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा से जोड़ने के लिए डीएमआरसी ने मेट्रो संचालन की संस्तुति के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यमुना प्राधिकरण को सौंपी है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली मेट्रो ने मेट्रो लाइन के पहले चरण में यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) को दी अपनी प्रस्तुति में कहा कि पूरा मेट्रो कॉरिडोर 35.64 किमी लंबा होगा, जिसमें से 32.27 किमी लंबा एलिवेटिड होगा जबाकि बाकी हिस्सा भूमिगत होगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में नॉलेज पार्क 2 के माध्यम से जेवर हवाई अड्डे को जोड़ने वाली प्रस्तावित मेट्रो लाइन में 25 स्टेशन होंगे। इन 25 स्टेश्नस में से 24 एलिवेटेड होगें जबकि एक भूमिगत होगा।

2025 तक पूरा होगा प्रोजक्ट: टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस परियोजना पर 7000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और मार्च 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार (7 मई) को हुई प्रस्तुति के बाद YEIDA ने कुछ बदलावों का सुझाव दिया है। वहीं डीएमआरसी को पीडब्ल्यूसी की तकनीकी-व्यवहार्यता रिपोर्ट (जिसमें हरियाणा, नोएडा और दिल्ली से यातायात प्रवाह के अनुमान शामिल हैं) के बजाय परी चौक से जेवर तक यातायात की व्यवहार्यता को देखने के लिए भी कहा गया था।

शुक्रवार को होगी अगली मीटिंग: रिपोर्ट के मुताबिक अगली बैठक शुक्रवार (10 मई) को यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी, डीएमआरसी और पीडब्ल्यूसी के बीच होने वाली है। जिसके बाद संशोधित योजना को राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

YEIDA के अधिकारी का क्या है कहना: यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के एडिशनल सीईओ शैलेंद्र भाटिया ने कहा- ‘DMRC के महाप्रबंधक बीसी शर्मा और उनकी टीम ने नॉलेज पार्क 2 के पास एक्वा लाइन स्टेशन से जेवर के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी पर अपनी प्रारंभिक ड्राफ्ट रिपोर्ट पेश की है। इसमें लगभग 24 स्टेशनों के साथ 35.64 किमी एलिवेटेड और करीब 3.37 किमी भूमिगत मार्ग शामिल था जो हवाई अड्डे के पास एक स्टेशन होगा।’

2023 तक होना चाहिए काम: यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ अरुण विर सिंह ने कहा कि मेट्रो का काम 2025 तक खत्म होने की बात कही जा रही है। लेकिन उसको एयरपोर्ट के काम खत्म होने तक ही हो जाना चाहिए। अरुण ने कहा- हम 2025 तक मेट्रो का काम अधूरा नहीं कर सकते चूंकि हवाई अड्डा 2023 तक तैयार हो जाएगा। ऐसे में हवाई अड्डे के चालू होने से पहले कनेक्टिविटी 2023 तक तैयार होनी चाहिए।’

देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा: बता दें कि क्षेत्रफल के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। वहीं इसकी लागत कीमत भी करीब 3.1 बिलियन डॉलर (217 अरब रुपए) बताई जा रही है। हवाई अड्डा परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के रूप में लागू किया जाएगा। साथ ही एयरपोर्ट के पास एक एविएशन हब बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। यह हब महत्वपूर्ण होगा क्योंकि जेवर हवाई अड्डे से 2023 में सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने की उम्मीद की जा रही है।

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