आर्थिक तंगी से पूर्वी दिल्ली के कामकाजी बच्चों के परिवारों का हाल हुआ बेहाल चेतना संस्था ने की परिवारों की मदद

Chetan Sanstha helped families of working children in East Delhi due to financial constraints

किसी भी सामाज के या देश के मजबूत होने के लिए आवश्यक है कि उस देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो तभी वह देश मजबूत और शक्तिशाली बनता है। परंतु लॉकडाउन के समय पूरी दुनिया आर्थिक स्तिथि के दौर से गुजर रही है और इसका प्रभाव सब जगह देखने को मिल रहा है, परंतु आर्थिक स्तिथि का सबसे ज्यादा प्रभाव गरीब लोगों और मजदूर लोगों पर पड़ रहा है l लॉकडाउन आने तक गरीब लोगों की आर्थिक स्तिथि और भी बदतर हो गई है l दिहाड़ी मजदूर जो कि रोज़ कमाते हैं और घर का खर्च चलाते हैं उनके पास कोई काम नहीं है घर पर लाचार से बैठे है न घर में एक पैसा है न खाने को घर मे कुछ है l लॉकडाउन खोलने के बाद भी लोगों का बुरा हाल है पूर्वी दिल्ली की गीता ( बदला हुआ नाम) 9 वर्षीय बालिका जो बताती है कि उसके घर मे इतनी आर्थिक तंगी हो गई है कि उसके घर मे एक कप चाय तक के पैसे नहीं है भाई बीमार है उसकी दवाई लाने तक के पैसे भी घर में नहीं हैं l जाने कितने ही घर ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं।

चेतना कार्यकर्ता को बताया कि लगभग 30 से 35 परिवार जिनमे लगभग 50 से 60 बच्चे हैं आर्थिक तंगी का शिकार हो रहे हैं अधिकतम लोग प्रवासी मजदूर हैं जो यहा आकर किराये पर रहते हैं। इस समय उन लोगों के पास किराया देने के पैसे तक नहीं है और मकान मालिक उन्हें किराये देने के लिए मजबूर कर रहे हैं ऐसे मे वो क्या करे? किसी को भरपेट खाना तक नसीब नहीं हो पा रहा है आर्थिक तंगी के कारण घरों में लड़ाई-झगड़े भी शुरू हो गए हैं जिससे बच्चों पर प्रभाव पड़ रहा है।

ऐसे में चेतना संस्था ने पूर्वी दिल्ली के 500 परिवारों को सूखा राशन वितरण किया जिससे इन परिवारों की कुछ आर्थिक मदद हुई लोकेश (बदला हुआ नाम) उम्र-38 बताते हैं कि उनके घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी थी, काम भी नहीं मिल रहा था। ऐसे में चेतना संस्था ने उनके परिवार की मदद की उन्हें सूखा राशन दिया।

पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार सीलमपुर नई सीमापुरी जगह पर चेतना संस्था ने 200 परिवारों को सूखा राशन वितरण किया। जिससे सड़क और कामकाजी बच्चों के परिवारों को कुछ आर्थिक मदद हुई। चेतना संस्था के निर्देशक संजय गुप्ता ने बताया कि संस्था के कार्यकर्ता दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों के मालिन बस्ती, झुग्गियों और सड़क पर भ्रमण करके ऐसे परिवारों और बच्चों को चिन्हित करके उन्हें स्थानीय एवमं पुलिस कर्मियों की श्रम सहायता द्वारा सूखा राशन वितरण कर रही है।